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परापूजा स्तोत्र-

30 जुलाई

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4 टिप्पणियाँ

Posted by on जुलाई 30, 2011 in नवीन

 

4 responses to “परापूजा स्तोत्र-

  1. gopichand suthar talora

    अगस्त 10, 2011 at 11:06 पूर्वाह्न

    Jai shree kirshna
    Sad guru Prbhu Baa ke pawan chrno me prnam.
    Kuweait se gopichand naresh.

     
    • स्वागता

      अगस्त 10, 2011 at 11:47 पूर्वाह्न

      आपका इस संस्थल पर स्वागत है गोपीचंद नरेश! हम आपके आभारी हैं|

       
  2. प्रकाश सर

    जुलाई 31, 2011 at 6:43 पूर्वाह्न

    आकारान्त स्त्री लिंगी नामांचे संबोधन

    उदा. रमा चे रमे, सीता चे सीते काही आकारान्त स्त्री लिंगी नामे पूजा स्तोत्रा आली आहेत
    १ अखण्डे २ सच्चितानन्दे ३ निर्विकल्पे ४ स्थिते ४ अद्वितीये ५ भावे ६ निजानन्दे ७ .

     
    • स्वागता

      जुलाई 31, 2011 at 9:52 पूर्वाह्न

      मला वाटतंय ही सति सप्तमी रचना आहे.
      यदि अखण्डं सच्चिदानन्दं निर्विकल्पैकरूपं स्थितम् अद्वितीयभावं (च) इदं तर्हि कथं पूजा विधीयते ।
      अशी ती सोडवावी लागेल.
      (चूक भूल द्यावी घ्यावी.)

       

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