RSS

भाव-बिन्दु…डॉ. आभा पाल.

10 अगस्त

तू बदरी केदार तू, गंगोत्री की धार तू,
मुक्ति के द्वार तू, बनाए भी तू,
पार लगाए भी तू!

तू जमीं पर भी है, आसमा पर भी है,
तू सागर में भी है, रेगिस्तान में भी है,
तू बाहर भी हैं, मेरे अंतर में भी हैं।

तुझे देख के मन को अच्छा लगे,
महसूस तो “वह सब” सच्चा लगे,
तू पल-भर को भी जो दरस दे जाए
अंधियारा स ये मन, उजीयारा कर जाय
तू जमीं का सितारा, तू आसमां का किनारा
तू सबकी “प्रभु”, हम तेरे हैं प्रभु
बनाए भी तू…
पार लगाए भी तू…

“बा” बोलूं कि मां, “बा” है सभी की मां
मेरी मां की भी मां, मेरे बेटे की भी मां
मेरी भी मां, सब भक्तों की मां,
कभी लगती तू सहेली,
कभी लगती पहेली,
कभी प्यार करती हूं,
कभी सद्गुरु से कहती हूं…

तू अंतर्यामी है मां, तू सच्ची है सहेली
तू साथ है जब, कब कौन होगी अकेली?
तू जमीं का सितारा, तू आसमां का किनारा
तू सबकी ’प्रभु’, हम तेरे हैं प्रभु
बनाए भी तू….
पार लगाए भी तू….

तेरे रंग इन्द्रधनुषी, तेरे रूप अनेक
तेरे दर्शन से हो जाएं तन-मन एक…
कभी कान्हा सी चितवन, कभी शक्ति अरूप
कभी शिरडी की सांई, कभी रामकृष्ण स्वरूप
कभी शिव सी सुंदर, कभी मां दुर्गा का रूप
कभी बर्फ़ की ठंडक, कभी तपती धूप….

तू आई इस जग में हमारे लिए
आज सूरज है हमारा, चांद भी हमारा
तेरे रूप में पाया, सारा संसार है हमारा
तू जमीं का सितारा, तू आसमां का किनारा
तू सबकी ’प्रभु’, हम तेरे हैं प्रभु
बनाए भी तू….
पार लगाए भी तू….

तेरे गुन गाऊं…कहां से शब्द लाऊं?
अपने मन को कैसे, गीत मैं सुनाऊं?
तुझे कैसे मनाऊं? तुझे कैसे रिझाऊं?
भिखारिन हूं मैं , तुझसे लेने आई हूं
तेरे दरसन की भीख..तेरी किरपा की भीख,
ऐसा वर दे तू मां, तेरे पास सदा रहूं,
तेरे चरणों में जिऊं, तेरे चरणों में मरूं,…
भूल से भी कभी भूल हो ना कभी
ऐसी कि नजरों से तेरी मैं गिरुं…

तू बाहर भी हैं, तू अंतर में भी हैं।
तुझे देखुं तो मन को अच्छा लगे
महसूस तो “वह सब” सच्चा लगे….
तू जमीं का सितारा, तू आसमां का किनारा
तू सबकी ’प्रभु’, हम तेरे हैं प्रभु
तू बदरी केदार तू, गंगोत्री की धार तू,
मुक्ति के द्वार तू, बनाए भी तू,
पार लगाए भी तू….

डॉ आभा पाल
पूर्वप्रसिद्धी शिवसुगंध 2007.

यह कविता यहाँ सुनिये |

back to Literature

back to साहित्य

Advertisements
 
टिप्पणी करे

Posted by on अगस्त 10, 2011 in नवीन

 

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: