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प्रिय साधक: अप्प दीपो भव

23 अक्टूबर

मेरे प्रिय साधक-भक्तों, दीपावली के पावन पर्व पर आपको शुभकामनाएं व आशीर्वाद। श्रीगुरुकृपा से जो पावन ज्योति आपके अंतर्मन में प्रज्वलित हुई है, उसके आलोक से आपका जीवन सपरिवार तेजोमय हो ऐसी मंगलकामनाएं। प्रकाश के इस पर्व पर आप और हम परम्परागत रूप से दीप जलाते हैं, पर याद रहें हमें यही तक नहीं रूक जाना है। जो ज्ञानज्योति सद्गुरु ने अपनी अनुकम्पा बरसाकर हमारे अंतर में जलाई है, उसे बुझने नहीं देना है।

निरंतर ध्यान-साधना से प्राप्त उस प्रकाश को पहले अपने दिल के हरेक कोने को प्रकाशित करने में लगाएं और बाद में औरों के जीवन को संवारने का भी सोचे। स्वयं को प्रकाशित करना ही ‘अप्प दीपो भव’ का स्वीकार है। जब व्यक्ति स्वयं दीप बन जाता है तो उसके संसर्ग में आनेवाला हर व्यक्ति स्वत: प्रकाशित हो उठता है। ‘एक दीप से जले दूसरा’ का दृश्य साकार हो उठता है। दीपों के प्रज्वलन की यह शृंखला ही तो जीवन का सन्मार्ग है।

श्रीगुरुदेव के दर्शाए पथ पर चलकर अज्ञान, अंधविश्वास, काम, क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान, मत्सर जैसी अनेकानेक विनाशक प्रवृत्तियों के प्रभाववश प्रकटे अंधकार को हमेशा हमेशा के लिए मिटाना है। दीपक तो एक प्रतीक है, असली ज्योति तो गुरुज्ञान की, आत्मज्ञान की, ईश्वरीयज्ञान की है। इसे प्रज्वलित करने हेतु श्रद्धा, समर्पण, भक्ति रूपी तेल की आवश्यकता है। इस तेल की आपूर्ति के लिए साधक को नियमित ध्यान व निरंतर नाम स्मरण और सत्संग करना ही होता है। इनके परिणामस्वरूप इस ज्योति से नि:स्वार्थ प्रेम, करुणा, सद्भाव, ममता, निर्मलता, मधुरता, समभाव की किरणें प्रकट होंगी। इन किरणों से आत्मज्ञान, आत्मकल्याण और अध्यात्म का प्रकाश विकिरित होगा तभी सही अर्थों में दीपोत्सव मन पाएगा। साररूप देखें तो आत्मज्ञान ही वास्तविक लक्ष्मी है।

मैं अपने सभी साधकों की आँखों में, उनके अंतस् में यही दिव्यज्योति देखना चाहती हूँ । हर साधक मेरे लिए एक प्यारा सा दीपक है। जब हरेक दीपक में मुझे वह ज्ञानज्योति प्रसन्नतापूर्वक डोलती, इठलाती, आनंद की केलियां करती दृष्टिगत होगी तो ही मैं भी पूरे आनंद से, पूरी मस्ती से सराबोर होकर तुम्हें ‘हैप्पी दीपावली’ कह सकूंगी ।                                                                 …तुम्हारी अपनी बा.

पूर्वप्रसिद्धी- शिवप्रवाह नोव्हेंबर 07.

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One response to “प्रिय साधक: अप्प दीपो भव

  1. Hitoo

    मार्च 31, 2012 at 11:22 पूर्वाह्न

    Shivoham Shivoham

     

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