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अमृतानुभव

भूमिका

इस विभाग में प्.पू. बा के अनुभवों से साक्षात् होने का दुर्लभ संयोग साधकों तथा आम वाचकों को प्राप्त हो रहा है| यद्यपि अध्यात्म का एक सर्वसामान्य विधान है-‘जो भी पाता है वह उसे प्रकट नहीं करता वरन् छुपाता है’| कारण होता है स्वान्त सुखाय की धारणा और प्रसिद्धि परांगमुखता का भाव| पूज्य बा साधना और सिद्धि की गौरीशंकर है, उनको जीवन में अनेक अनुभव हुए हैं| आपने चर्चा में सदा उन्हें छिपाने का ही यत्न किया है| सौभाग्यवश बा साधकों की प्रेम विव्हलता व सतत् आग्रहों को अनदेखा न कर पायी और हमें अनुभवों में झांकने की अनुमति दे दी| वास्तव में बा का यह अनुभव भाण्डार अकूत है, अनन्य है, अद्वितीय है| इस कोष से अनेक अमूल्य रत्न सर्वसम्मुख करने का श्रेय शिव-प्रवाह को मिला है| अभी अभी वागीश्वरी इस ब्लॉग पर भी उन्हें प्रसिद्ध करने की अनुमती मिली| बा का आभार कैसे अभिव्यक्त करें?

यहाँ यह स्पष्ट कर देना उचित होगा कि इन अनुभवों के अनेक परिजन व साधक द्रष्टा रहें हैं, साक्षी रहे हैं| इसी के साथ यह भी जोडें कि इन अनुभवों का प्रकाशन न तो कोई चमत्कार बताना है, न महिमामण्डन की आधारभूमि तैयार करना| इन अनुभवोंको विज्ञान के परिप्रेक्ष्य में देखेंगे तो असंभव आभासित होंगे, तर्क की तुला में तौलेंगे तो स्वीकारने में हिचक होगी और आध्यात्मिक धरातल पर देखेंगे तो संभव होने का विश्वास जगेगा| ये चमत्कार न तो प्रचारित करने की सामग्री है न  ही अपने सद्गुरु को अलौकिकता का बाना पहना कर औरों से श्रेष्ठ सिद्ध करने की कवायद है| बा कहते हैं-इन घटनाओं से साधक यही प्रेरणा लें कि साधन मार्ग में ठीक गति हो तो अनुभवों का अम्बार है|  ये नितांत वौयक्तिक है|” सद्गुरुकृपा से जो भी होता है वह एक चमत्कार ही है, ऐसा चमत्कार प्रत्येक साअधक के जीवन में घट सकता है, यदि इन्हें चमत्कार ही मानना हो तो गुरुकृपा का प्रसद कहना चाहिये| सभी अनुभवों को इस मन से स्वीकारना ही श्रेयस्कर होगा|–सम्पादक शिवप्रवाह.


१. तदपि तव गुणानामीश पारं न याति |

2. मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् |

3.जय अलख निरंजन

४. भगवान् श्री दत्तात्रेय के दिव्य सा़क्षात् दर्शन

५. जो पाता है वो छुपाता है

६.

७.समाधि और शाकंभरी पूजा

८. धन्य तुम्हारो दर्शन …!

९. अनुभवोंके आलोक में राजयोगी प्रभु बा

१०.

११. सद्गुरु कृपा ही केवलम् (प. पू. बा का अनुभव)

१२. पहला दत्तयज्ञ

१३. मानस पूजा- ’बा’ का अनुभव

 

2 responses to “अमृतानुभव

  1. jitendra patel

    अगस्त 7, 2015 at 7:28 अपराह्न

    Good. ….job & baa ko koti koti pranam

     
  2. jitendra patel

    अगस्त 7, 2015 at 7:24 अपराह्न

    Veri good 👌..&hamari aur se salam

     

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